प्राचीन समय में राजस्थान में क्षत्रिय राजपूत वंश के राजाओ का शासन था; जिनमे जालौर,मेवाड़ मुख्य थे। राजपूत जाति के विभिन्न वंशो ने इस राज्य के विविध भागों पर अपना कब्जा जमा लिया तो उन भागों का नामकरण अपने-अपने वंश, क्षेत्र की प्रमुख बोली अथवा स्थान के अनुरूप कर दिया।ये राज्य थे उदयपुर , डूंगरपुर , बांसवाड़ा , प्रतापगढ़ , जोधपुर , बीकानेर , किशनगढ़ , , कोटा , बूंदी , जयपुर , अलवर , करौली , झालावाड़ और टोंक . ब्रिटिशकाल में राजस्थान 'राजपूताना' नाम से जाना जाता था। राजा महाराणा प्रताप अपनी असाधारण राज्यभक्ति और शौर्य के लिये जाने जाते हैं। राजस्थान का एकीकरण ;- राजस्थान भारत का एक महत्वपूर्ण प्रांत है। यह 30 मार्च 1949 को भारत का एक ऐसा प्रांत बना, जिसमें तत्कालीन राजपूताना की ताकतवर रियासतें विलीन हुईं। भरतपुर के जाट शासक ने भी अपनी रियासत के विलय राजस्थान में किया था। राजस्थान शब्द का अर्थ है: 'राजाओं का स्थान' क्योंकि ये राजपूत राजाओ से रक्षित भूमि...